Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojana | 

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना

PM Gareeb Kalyan Yojana kya hai | प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना पंजीकरण |
Pradhan Mantri Garib Kalyan Yojana |
प्रधानमंत्री राशन सब्सिडी योजना | PMGKY |

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 26 मार्च 2020 को 21 दिन के लॉक डाउन को ध्यान में रखते हुए गरीब जनता को कोई समस्या ना आए इसके लिए आरंभ किया गया था| प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हमारे वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने विभिन्न प्रकार के योजनाओं को प्रधानमंत्री जन कल्याण योजना के अंतर्गत आरंभ किया है योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार द्वारा 1.70 करोड़ की धनराशि आवंटित की है प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ 80 करोड़ लाभार्थियों को प्रदान किया गया था यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तथा योजना से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे इस आर्टिकल को पूरा पढ़ सकते हैं |

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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत कितना मिलेगा फायदा?

 इस स्कीम में जो अतिरिक्त
मुफ्त 5 किलो अनाज घोषित हुआ है, वह राशन कार्ड पर हर माह मिलने वाले राशन के अलावा
है। इसे एक उदाहरण से समझें। अगर किसी परिवार के राशनकार्ड में 4 सदस्य हैं और अभी
उस पर प्रति सदस्य 5 किलो राशन (चावल/गेहूं) मिलता है तो उस राशन कार्ड पर एक माह में
कुल मिलने वाला राशन 20 किलो हुआ। अब प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत नवंबर
तक प्रति सदस्य अतिरिक्त 5 किलो फ्री राशन (चावल/गेहूं) मिलेगा। यानी राशन कार्ड के
एक सदस्य पर नवंबर तक कुल 10 किलो राशन रहेगा। इस प्रति सदस्य 10 किलो राशन में से
मूल्य केवल 5 किलो राशन का चुकाना होगा और बाकी 5 किलो राशन फ्री मिलेगा। इस तरह 4
सदस्यों के नाम वाले एक राशन कार्ड पर नवंबर तक मिलने वाला कुल राशन 20 किलो के बजाय
हुआ 40 किलो

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना कब लागु हुआ था?

पिछले साल यानि
2020
में
कोविड-19
की
पहली
लहर
के
दौरान
मार्च
में
जब
पूरे
देश
में
लॉकडाउन
लगाया
गया
था
तब
इस
योजना
का
ऐलान
हुआ
था।

कितनी खाद्य सब्सिडी की होगी जरूरत

 इस वक्त देश में 81.35 करोड़
राशनकार्ड धारक हैं। जुलाई से नवंबर तक 81 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को अतिरिक्त फ्री
राशन उपलब्ध कराने के लिए अनुमानित 64,031 करोड़ रुपये की खाद्य सब्सिडी की जरूरत होगी।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पर होने वाला पूरा खर्च भारत सरकार वहन कर रही
है। इस खर्च में राज्य व केन्द्र शासित

प्रदेशों
का
कोई
योगदान
नहीं
है। बयान में आगे कहा गया कि ट्रान्सपोर्टेशन, हैंडलिंग
और FPS डीलर्स के मार्जिन की दिशा में लगभग 3,234.85 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च
की जरूरत होगी। इस तरह भारत सरकार द्वारा उठाया जाने वाला कुल खर्च 67,266.44 करोड़
रुपये होगा।

 प्रधानमंत्री
गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत प्राथमिकता

 सभी लोग जानते हैं देश में कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है। जिसके कारण कई राज्यों में लॉकडाउन है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत राशन प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है। इस योजना के माध्यम से सभी पात्र लाभार्थियों तक राशन पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से देश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिक जैसे की सड़क पर रहने वाले, कूड़ा उठाने वाले, फेरी वाले, रिक्शा चालक, प्रवासी मजदूर आदि को प्राथमिकता प्रदान दी जाएगी। इस बात की जानकारी डीएफपीडी के सचिव सुधांशु पांडे द्वारा प्रदान की गई।

प्रधानमंत्री
गरीब कल्याण योजना का विस्तार

 सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का चौथा चरण आरंभ किया गया है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को 30 नवंबर 2021 तक अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन किए जाने की घोषणा की गई है। इस बात की जानकारी केंद्रीय उपभोक्ता मामलों मंत्रालय द्वारा दी गई है। यह फैसला 23 जून 2021 को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया है। 7 जून 2021 को देश को संबोधित करते हुए भी प्रधानमंत्री द्वारा यह घोषणा की गई थी कि इस योजना का दिवाली तक विस्तार किया जाएगा। पहले प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को कोरोनावायरस संक्रमण के कारण 2 महीने के लिए आरंभ किया गया था। जिसके लिए
26,602
करोड़ रुपए के खर्च का आकलन लगाया गया था।

 प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का मुख्य उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब लोगो को राशन पर सब्सिडी प्रदान करना है।

अब लगभग 80 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को अतिरिक्त 204 लाख मैट्रिक टन खाद धन प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। इस योजना पर होने वाला पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। जिस पर ₹67,266 करोड़ रुपए का खर्च होगा। इसके अलावा गेहूं चावल का आवंटन खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा किया जाएगा। विभाग द्वारा प्रतिकूल स्थितियों को देखते हुए इस योजना का विस्तार भी किया जा सकता है। इस योजना के विस्तार करने की सराहना विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा भी की गई है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से 80 करोड़ लोगों को मुफ्त भोजन प्राप्त होगा। पिछले वर्ष भी इस योजना के माध्यम से 80 करोड़ लाभार्थियों को 8 महीने तक 5 किलो खाद्यान्न प्रदान किया गया था।

मई 2021 तथा जून 2021 में एनएफएसए लाभार्थियों को
प्रदान किया गया खाद्यान्न

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत राज्यो एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा एफसीआई डिपो से 63.67
लाख मैट्रिक टन से अधिक खाद्यान्न लिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा मई 2021 में लगभग 34 राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 55 करोड़ को खाद्यान्न वितरण किया गया है। यह यह खाद्यान्न वितरण लगभग 28 लाख मैट्रिक टन है। इसके अलावा लगभग 1.3 लाख मैट्रिक टन खाद्यान्न वितरण जून 2021 में 2.6 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों के लिए किया गया है। खाद वितरण करते समय कोविड प्रोटोकोल का पूरा पालन किया गया है। मई और जून 2021 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत 90% एवं 12% (क्रमश) एनएफएसए के लाभार्थियों को खाद्यान्न वितरित किया गया है। जिसके लिए सरकार द्वारा 13000
करोड़ रुपए की राशि खर्च की गई है।

 कब तक मिलेगा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना का लाभ

 दीपावली तक बढ़ाया गया प्रधानमंत्री गरीब कल्याण
योजना का लाभ

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना को हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा कोरोनावायरस संक्रमण के कारण आरंभ किया गया था। इस योजना के माध्यम से सभी लाभार्थियों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जाता है। वे सभी लाभार्थी जो एनएफएसए के दायरे में आते हैं उन्हें इस योजना के अंतर्गत प्रति व्यक्ति प्रति महीने 5 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार द्वारा इस योजना के दायरे को अब दीपावली तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री जी के द्वारा राष्ट्र के संबोधन में प्रदान की गई है। जिसके तहत लगभग 80 करोड लाभार्थियों को नवंबर 2021 तक मुफ्त खाद्यान्न प्राप्त होगा।

एफसीआई द्वारा पूरे देश में खाद्यान्न आपूर्ति का काम तेजी से चल रहा है जिससे कि सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों तक खाद्यान्न पहुंचाया जा सके। मई 2021 के दौरान एफसीआई के माध्यम से 1433 खाद्यान्न रैक्स 46 रैक्स प्रतिदिन की दर से प्रदान किए गए हैं। भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत खाद्य सब्सिडी, अंतर राज्य परिवहन और डीलर मार्जिन/ अतिरिक्त डीलर मार्जिन का पूरा खर्च बिना किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की साझेदारी के वहन किया जाएगा।



 

By Neha

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