IAS Mukund Kumar Jha Biography in Hindi | मुकुंद कुमार झा IAS का जीवन परिचय

किसान के बेटे मुकुंद कुमार झा ने मात्र 22 साल की उम्र में UPSC परीक्षा पास कर 54वीं रैंक हासिल किया

IAS Mukund Kumar Jha Biography मुकुंद कुमार झा आईएएस का जीवन परिचय

मधुबनी के रहने वाले मुकुंद
कुमार झा ने बिना कोचिंग का सहारा लिए केवल 22 साल की उम्र में वो कर दिखाया जिसे करने
के लिए लोग सालों मेहनत करते हैं। पहले ही प्रयास में IAS बनने वाले मुकुंद ने यह सफलता
अपनी मेहनत और लगन से ही हासिल की है।


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बिहार के मधुबनी जिले के
किसान मनोज ठाकुर के लिए किसी सपने के सच होने से कम नहीं था जब उनके बेटे मुकुंद कुमार
ने UPSC सिविल सेवा 2019 की परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में 54वीं रैंक हासिल
की। मुकुंद ने बिना किसी कोचिंग की मदद के यह सफलता हासिल की है। उनके पिता के अनुसार,
मुकुंद पढ़ाई में एक एवरेज छात्र थे, लेकिन उन्होंने हर शैक्षणिक परीक्षा में फर्स्ट
डिवीज़न हासिल की। आइये जानते हैं कैसा रहा मुकुंद का IAS बनने तक का सफर। 

मुकुंद कुमार झा आईएएस का यूपीएससी में कितना रैंक
था

 मुकुंद कुमार
झा का 54वीं रैंक था UPSC 2019 में

मुकुंद कुमार झा आईएएस Mukund Kumar IAS Date of
birth

जन्म की सही तारीख की जानकारी
नहीं है

मुकुंद
कुमार झा शैक्षणिक योग्यता
Mukund
Kumar Educational Qualification

मुकुंद कुमार झा ने पांचवीं
तक की पढ़ाई बिहार के आवासीय सरस्वती विद्यालय से किया। फिर 12 तक की शिक्षा सैनिक
स्कूल गोलपाड़ा आसाम से किया। इसके बाद मुकुंद झा दिल्ली आ गए और पन्नालाल गिरधारी
लाल दयानंद एंग्लो वैदिक (पीजीडीएवी) कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से अंग्रेजी
साहित्य में स्नातक किया।
फिर यूपीएससी किया।




मुकुंद कुमार झा का पारिवारिक विवरण

मुकुंद कुमार झा मूलरूप से बिहार के मधुबनी जिला के बाबूबरही प्रखंड
के बरूआर के रहने वाले हैं। मनोज कुमार झा और ममता देवी के इकलौते बेटे हैं। इनके तीन
बहन हैं। ये सबसे छोटे हैं। मुकुंद के पिता मनोज कुमार किसान हैं और मां ममता प्राइमरी
स्कूल में शिक्षक है।




मुकुंद कुमार बचपन में ही तय कर लिया था IAS बनने का लक्ष्य 

मुकुंद बताते हैं कि जब वे प्राथमिक स्कूल में पढ़ रहे थे तभी उन्हें आईएएस के बारे में जानकारी मिली।इस बारे में पिता से उन्होंने काफी कुछ जानने समझने की कोशिश की।बढ़ती उम्र के साथ मुकुंद के मन में प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा प्रबल होती चली गई।मुकुंद ने बिहार में ही आवासीय सरस्वती विद्या मंदिर से पांचवीं तक पढ़ाई की।इसके बाद सैनिक स्कूल गोलपाड़ा आसाम से 12वीं तक पढ़ाई की।फिर डीयू से इंग्लिश होंर्स में ग्रेजुएशन किया।आपको बता दें की मुकुंद के पिता ज़ूलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएट हैं।परन्तु सरकारी नौकरी ना मिलने के कारण उन्होंने खेती करने का फैसला किया था। 

मुकुंद कुमार झा बिना कोचिंग के
कैसे बने आईएएस IAS?

मुकुंद कुमार कहा कि ग्रेजुएशन के बाद उनकी उम्र कंपलीट नहीं थी इसलिए 2018 का पूरा साल उन्होंने परीक्षा की तैयारी में निकाला। फिर पहली बार 2019 में प्रीलिम्स दिया। उन्होंने ये पूरी तैयारी बिना कोचिंग का किया। कोचिंग के बारे में वह कहते हैं कि मैं अपने पिता से UPSC की
कोचिंग के लिए 2-3 लाख रूपए माँगता तो वह मना नहीं करते परन्तु इससे घर की आर्थिक स्थिति पर ज़रूर प्रभाव पड़ता। इसीलिए मैंने कोचिंग ना लेने का फैसला किया और खुद से ही तैयारी की। 

मुकुंद कुमार झा अपनी तैयारी की स्ट्रेटेजी शेयर करते हुए बताया हैं कि वह तैयारी के लिए टाइम टेबल को सख़्त होकर फॉलो करते थे। इसके लिए पहले वह जिस तरह सोशल मीडिया पर Active सक्रिय रहते थे
वह सब बंद कर दिया और अपने फेसबुक, ट्विटर अकाउंट को Deactivate निष्क्रिय कर दिया। उन्होंने दोस्तों, फेमिली फंक्शन, शादी समारोह में जाना भी छोड़ दिया था इसके बाद मुकुंद ने प्रॉपर स्ट्रेटजी और बुक लिस्ट बनाई और रोज 12 से 14 घंटे पढ़ाई करके UPSC परीक्षा पास की। 

मुकुंद ने बताया कि यूपीएससी इंटरव्यू में ये नहीं पूछा जाता कि आपके शर्ट में कितने बटन हैं या कितनी सीढ़ियां आप चढ़कर आए। बल्क‍ि UPSC में ऐसे सवाल पूछे जाते हैं जिससे ये पता चल सके कि आप अपने देश को कितना जानते हैं। इसीलिए ऑनलाइन दिए गए हर आर्टिकल से भ्रमित ना हों और UPSC द्वारा दिए गए सिलेबस के हिसाब से ही तैयारी करें। 

22 वर्षीय मुकुंद कुमार झा ने सीमित संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद भी इतनी काम आयु में पहले ही प्रयास में बिना किसी कोचिंग की गाइडेंस के IAS बनने का लक्ष्य हासिल कर यह सच कर दिखाया की
मेहनत और लगन हमेशा ही रंग लाती है। ज़रूरी है सही स्ट्रेटेजी बनाना और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करते रहना। 

 

 

By Neha

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